How Much You Need To Expect You'll Pay For A Good Mangalwar



ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।

अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।

जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.

हम यहाँ वेबसाइट पर पूरी साधना नहीं डाल सकते क्योकि हमारी दी गई साधना गुरुमुखी साधना होती हे और हमने जो साधना सिद्ध करी हे वही ही डालते हे हमारी वेबसाइट से कई लोग यूट्यूब पर कॉपी करके डालते हे और हमारी साधना का गलत उपयोग कर रहे हे इसलिए आप सब साधक मित्रो को नम्र विनंती हे की आपको अगर साधना सीखनी हो तो आप हमारा कांटेक्ट कर सकते हो साधना लेने के लिए साधक को अपनी शक्ति अनुसार सेवा में योगदान करना पड़ेगा तब जाकर साधना मिलेगी.

जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें। 

अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...

गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें। 

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।

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इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

राम-राम क्या करे, चीनी मेरा नाम। सर्वनगरी बस में करूं, मोहूं सारा गांव।राजा की बकरी करूं, नगरी करूं बिलाई। here नीचा में ऊंचा करूं, सिद्ध गौरखनाथ का दुहाई।

साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।

काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।

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